हेलो दोस्तों! रिजल्ट सीजन अभी भी जारी है और आज हम भारतीय अल्कोहल कंपनियों पर नजर डाल रहे हैं। वेडिंग सीजन की वजह से दिसंबर क्वार्टर (Q3) हमेशा इन कंपनियों के लिए सबसे मजबूत रहता है, और इस साल भी ऐसा ही रहा। लेकिन सेक्टर में स्ट्रक्चरल बदलाव आ रहा है। प्रीमियमाइजेशन तो बड़ा ट्रेंड है ही, साथ ही कई कंपनियां अब अल्कोहल सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा खुद कंट्रोल कर रही हैं। भारत का अल्कोहल मार्केट फ्रेगमेंटेड है – हर राज्य के अलग नियम और कानून। आज हम तीन प्रमुख प्लेयर्स – यूनाइटेड स्पिरिट्स, रेडिको खैतान और एलाइड ब्लेंडर्स – के Q3 FY26 रिजल्ट्स देखेंगे। ये तीनों कंपनियां मास मार्केट व्हिस्की से लेकर लग्जरी सिंगल मॉल्स तक पूरा स्पिरिट्स लैंडस्केप कवर करती हैं।
तीनों कंपनियों के Q3 FY26 नंबर्स
सबसे पहले नंबर्स पर नजर डालते हैं।
यूनाइटेड स्पिरिट्स (USL) – सबसे बड़ा प्लेयर
- नेट सेल्स (एक्साइज ड्यूटी घटाकर) 7.6% YoY बढ़कर ₹3,694 करोड़।
- QoQ 16% ग्रोथ, जो ज्यादातर फेस्टिव सीजन की वजह से।
- EBITDA 5.5% YoY बढ़कर ₹599 करोड़, लेकिन स्टैंडअलोन EBITDA मार्जिन 35 bps घटकर 16.8%।
- मार्जिन गिरावट का मुख्य कारण प्रमोशन और एडवरटाइजिंग में भारी खर्च (नेट सेल्स का 14%)।
रेडिको खैतान – सबसे तेज ग्रोथ
- नेट रेवेन्यू 22% YoY बढ़कर ₹1,547 करोड़।
- EBITDA में 45% ग्रोथ, ₹265 करोड़ तक पहुंचा।
- EBITDA मार्जिन 300 bps बढ़कर 17.2% – तीनों में सबसे ऊंचा।
- हाईएस्ट एवर क्वार्टरली वॉल्यूम और एवरेज सेलिंग प्राइस में बढ़ोतरी।
एलाइड ब्लेंडर्स (ABD) – रिलेटिवली शांत
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सिर्फ 2.8% YoY बढ़कर ₹1,004 करोड़।
- वॉल्यूम लगभग फ्लैट (9 मिलियन केसेस, 1.3% ग्रोथ)।
- EBITDA 14% बढ़कर ₹137 करोड़, मार्जिन 13.6% (130 bps बेहतर)।
- मास प्रीमियम सेगमेंट में 10% वॉल्यूम गिरावट।
प्रीमियमाइजेशन: इंडस्ट्री का मुख्य ट्रेंड
तीनों कंपनियों के मार्जिन में अंतर उनके प्रीमियमाइजेशन अप्रोच से साफ दिखता है।
- रेडिको खैतान में प्रेस्टीज एंड अबव सेगमेंट वॉल्यूम में 26% और वैल्यू में 29% बढ़ा। यह सेगमेंट कंपनी के कुल सेल्स का 70% कंट्रीब्यूट करता है। ग्रॉस मार्जिन ग्रोथ में प्रीमियमाइजेशन का 36% योगदान। कंपनी जिन (जैसलमेर) और वोडका (मैजिक मोमेंट्स) जैसे नीश सेगमेंट्स में भी मजबूत।
- यूनाइटेड स्पिरिट्स में प्रेस्टीज एंड अबव सेगमेंट 89% सेल्स देता है। इस सेगमेंट में वैल्यू 8.2% बढ़ी, जबकि वॉल्यूम 2% गिरा। पॉपुलर सेगमेंट में 4.6% गिरावट – कंपनी अब हाई-वॉल्यूम सस्ते प्रोडक्ट्स से हटकर महंगे प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है।
- एलाइड ब्लेंडर्स में प्रीमियम सेगमेंट 59% सेल्स – पीयर्स से कम। ऑफिसर्स चॉइस जैसे मास ब्रांड अभी भी प्रॉफिटेबिलिटी का बड़ा सोर्स। लेकिन प्रेस्टीज एंड अबव में 15% ग्रोथ से मास सेगमेंट की गिरावट को ऑफसेट किया।
सप्लाई चेन इंटीग्रेशन का बढ़ता महत्व
मार्जिन ग्रोथ का एक और बड़ा कारण – कंपनियां अब सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सा खुद ओन कर रही हैं।
- रेडिको खैतान सबसे आगे – सीतापुर में एशिया की सबसे बड़ी डिस्टिलरी, स्कॉटलैंड में सब्सिडरी से एज्ड मॉल्ट सप्लाई।
- एलाइड ब्लेंडर्स पीईटी बॉटल फैसिलिटी और एथेनॉल डिस्टिलरीज में निवेश कर रहा है।
- यूनाइटेड स्पिरिट्स प्रीमियम ब्रांड्स के लिए बॉटलिंग यूनिट्स ओन करता है और पैरेंट डायजियो के ग्लोबल नेटवर्क से फायदा उठाता है – एसेट-लाइट मॉडल।
स्टेट पॉलिसी चेंजेस: स्थायी चुनौती
भारत का अल्कोहल मार्केट फ्रेगमेंटेड है – हर राज्य के अलग नियम। Q3 में महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के पॉलिसी चेंजेस से असर पड़ा।
- महाराष्ट्र में लोकल डिस्टिलर्स को सपोर्ट वाली पॉलिसी से वॉल्यूम प्रभावित।
- तेलंगाना में लाइसेंस लॉटरी से रिटेलर्स ने स्टॉक खरीदना रोका – एलाइड ब्लेंडर्स पर सबसे ज्यादा असर।
- आंध्र प्रदेश में प्राइवेट डिस्ट्रीब्यूशन से रेडिको को सबसे ज्यादा फायदा (ब्रांडी मार्केट में मजबूत)।
ये चेंजेस वन-ऑफ हैं, लेकिन रेगुलेटरी अनसर्टेन्टी इंडस्ट्री का स्थायी हिस्सा बनी रहेगी।
निष्कर्ष
Q3 FY26 में अल्कोहल सेक्टर ने प्रीमियमाइजेशन और सप्लाई चेन कंट्रोल से मजबूत परफॉर्मेंस दिखाई। रेडिको खैतान सबसे तेज ग्रोथ और बेहतर मार्जिन के साथ आगे, यूनाइटेड स्पिरिट्स स्टेबल, और एलाइड ब्लेंडर्स धीरे-धीरे प्रीमियम की तरफ बढ़ रही है। स्टेट पॉलिसी चेंजेस चुनौती बने रहेंगे, लेकिन प्रीमियम ट्रेंड और इंटीग्रेशन से सेक्टर का भविष्य उज्ज्वल दिखता है।
आप क्या सोचते हैं? एलाइड ब्लेंडर्स प्रीमियम ट्रेंड कैच कर पाएगी? कमेंट्स में जरूर बताएं!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- Q3 FY26 में सबसे तेज ग्रोथ किस कंपनी की रही? रेडिको खैतान – 22% रेवेन्यू और 45% EBITDA ग्रोथ।
- प्रीमियमाइजेशन से क्या फायदा हो रहा है? हाई वैल्यू ग्रोथ और बेहतर मार्जिन – कंपनियां महंगे प्रोडक्ट्स ज्यादा बेच रही हैं।
- सप्लाई चेन इंटीग्रेशन क्यों जरूरी है? ईएनए और पैकेजिंग प्राइस वोलेटिलिटी से बचाव और बेहतर कॉस्ट कंट्रोल।
- स्टेट पॉलिसी चेंजेस का सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ा? तेलंगाना में एलाइड ब्लेंडर्स पर – मास प्रीमियम सेगमेंट में गिरावट।
- कौन सी कंपनी सबसे मजबूत मार्जिन दिखा रही है? रेडिको खैतान – 17.2% EBITDA मार्जिन।